देश के कृषि मंत्री महोदय नेता होने के साथ साथ देश के सबसे अधिक पैसे वाले खेल में भी पदाधिकारी है.. ये भारतीय क्रिकेट बोर्ड के भी पदाधिकारी हैं.. इनका विश्व क्रिकेट में अपना एक अलग मुकाम है.. लेकिन इन्हे क्रिकेट में जो मुकाम मिला है वो इसलिए कि यहां कि जनता ने इन्हें इस लायक बनाया.. नहीं तो पवार सहाब आप जैसे कितने लोग हैं जिन्हे कोई पहचानता नहीं. इन्हे आम जनता ने इतना प्यार दिया कि ये महाराष्ट्र जैसे प्रदेश के मुख्य मंत्री बने.. केन्द्र में मंत्री बने... यहां तक कि जब ये कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई तो भी जनता ने इनका साथ दिया और इनके विधायक और सांसद जीताया.. और इन्हे देश कि सबसे बड़ी पचांयत में शक्तिशाली बनाया.. मैं कृषि मंत्री माननीय शरद पवार का परिचय नही करा रहा हूं बल्कि बता रहा हू कि जिस आम जनता ने इन्हे इस मुकाम तक पहुंचाया उसे ही पवार साहब अपने मंत्रालय के द्वारा जीने नही दे रहे हैं... जिन लोगों ने इन्हे सर आखों पर बिठाय उसे खाने नही दे रहे है.. कहते हैं कि गरीब को खाने में क्या चाहिए.. सिर्फ दाल रोटी.. पर दाल आज इतना महंगा हो गया है कि उसे देख कर ही गरीब आदमी काम चला रहा है... ये मंत्री महोदय अपने आप को गरीबों का मसीहा कहते हैं और खुद को किसान.. पर किसानों के कितने बड़े हितैसी है इसको तो सभी देख चुके हैं.. खास कर के गन्ना किसान..इन्होने गन्ना किसानों के लिए उनके गन्ने का इतना मुल्य घोषित कर दिया कि गन्ना किसान उससे खुश हो गये और वोइतना खुश हो गये कि दिल्ली में जाकर धरना प्रर्दशन शुरू कर दिया.. इन सफेद पोश किसानो का जीना हराम कर दिया और जब प्रधान मंत्री को अपनी कुर्सी डोलती नजर आयी तो उन्होने इस मुद्दे को हल कराया..फिर भी पवार साहब कहां चुप रहने वाले थे किसान जो ठहरे...... इन्होने भविष्यवाणी कर डाली की चीनी मंहगी होगी ..फिर क्या था कुछ ही दिनों में चीनी दस रूपये मंहगी हो गई...और जब इनसे पूछा गये तो आप को याद ही होगा कि इन्होने कहा कि वे ज्योतिषी नहीं है....कि बता दें कि चीनी कब सस्ती होगी.. सही है कि पवार सहाब आप ज्योतिष नहीं हैं लेकिन भविष्यवाणी करने में आप पीछे नहीं रहते हैं.. और अब भविष्यवाणी कर दी कि उत्तर भारत में दूध की कमी है इसलिए दूध महगा हो सकता है.. अब अगर दूध भी मंहगा हो जाए तो इसमें पवार साहब आप कि क्या गलती.. सही है आप भविष्यवाणी करते रहिए.. और जनता को मूर्ख समझते रहिए.. लेकिन पवार सहा्ब ये पब्लिक है सब जानती है..
राम गोपाल द्विवेदी
टीवी पत्रकार
Sunday, January 24, 2010
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